पुणे पोर्श कांड के मुख्य आरोपी के पिता की जमानत याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
नई दिल्ली। पुणे में साल 2024 में पोर्श कार से हुए एक्सीडेंट में बाइक सवार दो आईटी प्रोफेशनल्स की मौत मामले में मुख्य आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को विशाल अग्रवाल और अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए अब विशाल अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के अन्य आरोपियों अमर गायकवाड़, आदित्य सूद और आशीष मित्तल को 2 फरवरी को जमानत दे दी थी, जिसके बाद वो जेल से रिहा हो चुके हैं।
यह मामला पूरे देश में काफी चर्चा में रहा था। इसमें विशाल अग्रवाल का नाबालिग बेटा अपने दोस्तों के साथ पार्टी से लौट रहा था। वो काफी तेज गति में अपनी पोर्श कार भगा रहा था तभी उसने बाइक सवार एक युवक और युवती को टक्कर मार दी जिसमें उन दोनों की मौत हो गई थी। घटना के वक्त नाबालिग आरोपी ने शराब पी रखी थी। आदित्य सूद और आशीष मित्तल को नाबालिग आरोपी का ब्लड सैंपल बदलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस केस में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने कार चालक नाबालिग को सशर्त जमानत देते हुए सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने का आदेश दिया था।
अदालत के इस फैसले की काफी आलोचना हुई और लोगों ने आरोपी को जमानत दिए जाने का विरोध किया। इसके बाद जुबेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अपने आदेश में सुधार किया और नाबालिग को ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया। हालांकि पिछले साल जून में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद नाबालिग को रिहा कर दिया गया। अब उसके पिता विशाल अग्रवाल की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट 10 मार्च को सुनवाई करेगा।
