होर्मुज होकर आ सकेंगे भारत के जहाज, ईरान बोला- सिर्फ अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों पर रोक
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल से ईरान की जंग के बीच भारत के लिए अच्छी और बड़ी खबर आई है। न्यूज चैनल एनडीटीवी ने ईरान सरकार के हवाले से बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सिर्फ अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों के जहाजों के गुजरने पर इस्लामी देश ने रोक लगाई है। ईरान ने कहा है कि इनके अलावा किसी और देश के जहाज के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर रोक नहीं है। इससे भारत के जहाज अब खाड़ी देशों से कच्चा तेल लेकर आ सकेंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में ईरान की चेतावनी के बाद भारत के भी 37 जहाज फंसे हुए हैं।
ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए बंद करने का एलान किया था। ईरान ने कहा था कि अगर किसी जहाज ने होर्मुज पार करने की कोशिश की, तो उस पर हमला कर डुबो दिया जाएगा। ईरान की इस धमकी के बाद कच्चा तेल और तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) लेकर आ रहे जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सफर बंद कर दिया था। कच्चा तेल और एलएनजी लेकर आने वाले जहाजों का बीमा भी नहीं हो पा रहा था। ऐसे में आशंका थी कि भारत के पास कच्चे तेल की कमी होने से पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ सकती है। भारत अपने उपयोग का 45 फीसदी कच्चा तेल होर्मुज के जरिए ही आयात करता है। इसके अलावा कतर से भारत एलएनजी लेता है। जिसका कारखानों में इस्तेमाल किया जाता है।
ईरान के होर्मुज के बारे में ताजे बयान से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया था कि उनके देश की एजेंसी जहाजों का बीमा करेगी। ट्रंप ने साथ ही ये भी एलान किया था कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि वो होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान के किसी हमले से सुरक्षा दे। ताकि किसी भी देश को ऊर्जा संकट का सामना न करना पड़े। वहीं, होर्मुज को बंद करने के बाद ईरान ने ओमान तट के पास खड़े कई जहाजों पर मिसाइल दागी थी। इनमें से एक तेल टैंकर जहाज पर तैनात कैप्टन आशीष कुमार और एक अन्य भारतीय कर्मचारी दलीप की मौत हुई है।
