अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान के खिलाफ केस बंद, हरियाणा सरकार की उदारता के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने के मामले में सोनीपत स्थित अशोका यूनविर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत मिली है। हरियाणा सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केस को बंद कर दिया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के समक्ष हरियाणा सरकार की तरफ से उपस्थित हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू पेश ने कहा कि एक बार की उदारता दिखाते हुए राज्य सरकार ने अली खान महमूदाबाद के खिलाफा मामला बंद कर दिया है।
हालांकि प्रोफेसर खान को इस बात के लिए चेतावनी दी गई कि वो भविष्य में ऐसा कोई काम न करें। प्रोफेसर खान के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने इसके लिए हरियाणा सरकार और सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, कभी-कभी बातों के बीच छिपे अर्थ को लिखने से और अधिक समस्याएं पैदा हो जाती हैं। कभी-कभी स्थिति इतनी संवेदनशील होती है कि हम सभी को सतर्क रहना पड़ता है। सीजेआई ने आशा जताई कि याचिकाकर्ता एक उच्च विद्वान व्यक्ति होने के नाते भविष्य में विवेकपूर्ण तरीके से कार्य करेंगे।
सोनीपत के जठेड़ी गांव के सरपंच का बयान दर्ज करने के बाद अली खान महमूदाबाद को पिछले साल मई में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मई में ही प्रोफेसर खान को अंतरिम जमानत देते हुए सोशल मीडिया पर दिए उनके बयान की जांच के लिए हरियाणा के डीजीपी को एसआईटी टीम का गठन करने का निर्देश दिया था। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, प्रोफेसर खान की पोस्ट को देखकर ऐसा लगता है कि वह युद्ध के विरोध में हैं लेकिन कुछ बातों के दोहरे मतलब हो सकते हैं और यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। अदालत ने उन्हें सस्ती लोकप्रियता से बचने की सलाह भी दी।
