पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का एक्शन जारी, अब डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को भी बदला
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के बाद चुनाव आयोग का एक्शन जारी है। चुनाव आयोग ने अब पश्चिम बंगाल के डीजीपी, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और आईजी को बदला है। इससे पहले चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल की चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह दुष्यंत नरियाला और संघमित्रा घोष को नियुक्त करने का आदेश जारी किया था।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एक और सख्त कदम उठाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के 7 एईआरओ को भी सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से उन पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के बारे में सोमवार शाम 6 बजे तक जानकारी मांगी है, 2021 और 2024 के चुनावों के वक्त जिनके इलाकों में हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इससे साफ है कि इन अफसरों की लिस्ट मिलने के बाद उनकी जगह भी नई नियुक्तियां करने का चुनाव आयोग फैसला करने वाला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और डर के माहौल के बिना चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग की सारी कार्रवाई इसी पर आधारित है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए दो चरणों में वोटिंग कराने का एलान चुनाव आयोग ने किया है। पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। जबकि, कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत बाकी जिलों में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती भी केरल, तमिलनाडु, असम और पुदुचेरी के साथ 4 मई को कराया जाना तय हुआ है। पश्चिम बंगाल में पिछले तीन विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी की टीएमसी ने जीते थे। इस बार मुख्य विपक्षी दल बीजेपी का दावा है कि पश्चिम बंगाल की जनता टीएमसी को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।
