नेतनयाहू ने ट्रंप की बात नहीं मानी, इजरायल का ईरान पर जोरदार हमला, युद्ध फिर भड़कने के आसार
तेहरान/वॉशिंगटन। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतनयाहू के आदेश पर इजरायल की वायुसेना ने ईरान पर जोरदार हमला बोल दिया। इजरायल की वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान, इस्फहान समेत कई जगह सैन्य ठिकानों पर जमकर बमबारी की। जबकि, डोनाल्ड ट्रंप ने नेतनयाहू को फोन कर कहा था कि वो ईरान के मिसाइल हमलों का जवाब न दें। नेतनयाहू ने ट्रंप की ये बात नहीं मानी। ईरान पर इजरायल के ताजा हमलों से मध्य-पूर्व में एक बार फिर युद्ध भड़कने के आसार दिखने लगे हैं।
दरअसल, ईरान की आईआरजीसी ने लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए यहूदी राष्ट्र पर कई मिसाइलें दागी थीं। ईरान की सभी मिसाइलों को इजरायल ने मार गिराया। इसके बाद आईआरजीसी ने चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल ने फिर लेबनान पर हमला किया, तो उसे बड़ा सबक सिखाया जाएगा। आईआरजीसी की इस चेतावनी के बाद ट्रंप ने नेतनयाहू को फोन कर ईरान पर पलटवार न करने के लिए कहा था। ट्रंप ने कहा था कि ईरान के हमले रोक लिए गए हैं। इसलिए इजरायल उस पर हमला न करे, लेकिन नेतनयाहू ने ट्रंप की ये बात नहीं मानी।
इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला बोला था। इस हमले में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम कमांडर सैयद अली खामेनेई की मौत हुई थी। जिसके बाद ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 39 दिन तक युद्ध चला था। इस दौरान अमेरिका और इजरायल ने जहां ईरान में भारी बमबारी की। वहीं, ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों पर भारी तबाही मचाई थी। जिसके बाद 8 अप्रैल को ट्रंप ने एकतरफा युद्धविराम किया था। इसके बावजूद ईरान और अमेरिका के बीच अब तक कोई समझौता नहीं हो सका है। अब ईरान पर इजरायल के ताजा हमलों से माहौल फिर गर्मा गया है। अगर युद्ध फिर शुरू होता है, तो दुनिया के अन्य देशों पर भी इसका बड़ा असर पड़ना तय है।
