ममता बनर्जी को एक और झटका, सुखेंदु शेखर रॉय के बाद अब टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दिया
नई दिल्ली। ममता बनर्जी को लगातार झटके लग रहे हैं। ताजा झटका राज्यसभा की सांसद सुष्मिता देव ने दिया है। खबर है कि टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। सुष्मिता देव से पहले टीएमसी के सुखेंदु शेखर रॉय ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। सुखेंदु और सुष्मिता देव के इस्तीफे के साथ ही राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर 11 रह गई है। इन दोनों सीटों पर जब भी चुनाव होंगे, तो उनमें बीजेपी प्रत्याशी की जीत होनी तय है।
अटकलें ये भी हैं कि फिल्म एक्ट्रेस कोयल मल्लिक भी राज्यसभा से इस्तीफा दे सकती हैं। हालांकि, इस बारे में कोयल मल्लिक ने अब तक कुछ नहीं कहा है। सबसे पहले पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 58 विधायकों ने एकजुट होकर ममता बनर्जी को धता बताते हुए अलग गुट बना लिया था। उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष और संदीपन साहा को विधानसभा में उप नेता चुना था। जबकि, ऋतब्रत और संदीपन साहा को ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण टीएमसी से निकाल दिया था। ऋतब्रत के मसले पर ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
दिल्ली में टीएमसी के लोकसभा सांसद भी ममता के खिलाफ हुए हैं। ममता की करीबी रहीं काकोली घोष दस्तिदार ने बीते दिनों दावा किया था कि टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद उनके साथ हैं। इन सांसदों की ओर से काकोली को चीफ व्हिप मानने की चिट्ठी लोकसभा अध्यक्ष को भेजे जाने की खबर भी थी। वहीं, लोकसभा में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग की कि काकोली घोष दस्तिदार 20 सांसदों के समर्थन की चिट्ठी दिखाएं। कीर्ति आजाद का दावा है कि सिर्फ 13 या 14 सांसद काकोली की बुलाई बैठक में गए थे। फिलहाल टीएमसी में जिस तरह के हालात हैं और ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं, उससे पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रही पार्टी में साफ तौर पर खलबली दिख रही है।
