गुजरात के आप विधायक चैतर वसावा को सात साल की सजा, विधायकी पर मंडराया खतरा, हाईकोर्ट में अपील की तैयारी
नई दिल्ली। गुजरात में आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा को वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला करने, धमकाने और वसूली करने के मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई गई है। वसावा नर्मदा जिले की डेडियापाडा सीट से विधायक हैं। राजपीपला सेशंस कोर्ट ने आप विधायक के साथ उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को भी मामले में दोषी ठहराया है और इन सबको भी सात साल की सजा सुनाई है। चैतर वसावा गुजरात में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। अदालत ने विधायक और उनकी पत्नी पर 96000 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
जिस मामले में आप विधायक और अन्य को सजा हुई है वो अक्टूबर 2023 का है। वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे कुछ वनकर्मियों को विधायक चैतर वसावा ने धमकाया और उनके साथ मारपीट भी की गई। इस दौरान विधायक के समर्थकों पर हवाई फायरिंग करने का भी आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज किया था। जिसके बाद विधायक को काफी समय तक जेल में भी रहना पड़ा था। बाद में उनको जमानत मिल गई थी और तब से वो जेल से बाहर थे। अब अदालत ने इस मामले में फैसला सुना दिया है।
वसावा के वकील निचली अदालत के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं कोर्ट के इस फैसले से चैतर वसावा की विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडराने लगा है। अगर हाईकोर्ट से इस सजा पर ‘स्टे’ मिल गया तो ही उनकी विधायकी बची रहेगी। आपको बता दें कि नियम के अनुसार अगर किसी सांसद या विधायक को अदालत 2 साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाता है तो उसकी संसद या विधानसभा सदस्यता रद्द हो जाती है। ऐसे में अगर वसावा की विधायकी चली गई तो यह उनके और आम आदमी पार्टी दोनों के लिए ही बहुत बड़ा झटका होगा।
