अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन सदस्यीय एसआईटी ने गृह सचिव को सौंपी जांच रिपोर्ट
नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर से चढ़ावा चोरी मामले की जांच रिपोर्ट एसआईटी ने गृह सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है। हालांकि इस रिपोर्ट में क्या है इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं एसआईटी के प्रमुख और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत से जब पत्रकारों ने इस रिपोर्ट के विषय में सवाल किया तो उन्होंने इसको गोपनीय बताया। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर अब आगे बड़ा एक्शन हो सकता है। इससे पहले यह बात सामने आई थी कि एसआईटी को जांच में हर स्तर पर घोर लापरवाही का पता चला है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की जांच का अनुरोध किया गया था। जिसके बाद योगी ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को इस एसआईटी टीम का अध्यक्ष और आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को बतौर सदस्य शामिल किया गया था। इन तीनों सदस्यों ने पूरी गंभीरता के साथ तथ्यों की जांच पड़ताल करके अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है। बता दें कि इस पूरे मामले में देशभर में काफी तूल पकड़ रखा है। विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्र और यूपी सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है।
वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे विवाद के बीच 19 जून को अयोध्या पहुंचे थे। वहां उन्होंने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा था कि एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। अगर कोई अपराधी है, चाहे वो कोई भी होगा, बचेगा नहीं। योगी ने लोगों से अनुरोध किया था कि हम लोगों के पूर्वजों ने प्रभु श्रीराम के स्थान को लेने के लिए मर्यादित रहते हुए 500 वर्षों तक संघर्ष किया है। 15 दिन और देख लो, इंतजार कर लो, चिंता मत करो।
