वेनेजुएला में 39 सेकेंड के भीतर 7.5 और 7.2 तीव्रता के भयानक भूकंप, हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका
काराकास। वेनेजुएला में लगातार आए 7.5 और 7.2 के भयानक भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। वेनेजुएला की राजधानी कराकास में भी तमाम इमारतें ढह गई हैं। भूकंप के दोनों झटके महज 39 सेकेंड के अंतर पर आए। भूकंप का केंद्र मोंटालबान से 28 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में था। वेनेजुएला की राजधानी काराकास का वीडियो आया है। जिसमें कई भवन जमींदोज दिख रहे हैं। अमेरिका के सुनामी चेतावनी केंद्र ने वेनेजुएला भूकंप के बाद प्यूर्टो रिको और वर्जिन द्वीपसमूह के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की। बाद में इसे वापस लिया गया।
वेनेजुएला में आए इन भूकंप के बाद राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया गया है। वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय टीवी पर इसका एलान करते हुए बताया कि भूकंप में तमाम लोगों की जान गई है। हालांकि, उन्होंने मृतकों की संख्या नहीं बताई। वेनेजुएला में पहले भी कई बार भयानक भूकंप आ चुके हैं। इस इलाके में समुद्र के नीचे दो टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराने के कारण भूकंप आते रहते हैं। सितंबर 2025 में वेनेजुएला के जूलिया प्रांत में भी बड़ा भूकंप आया था। जबकि, 1900 के दशक में भी वेनेजुएला में कई बड़े भूकंप आए थे।
इस बार वेनेजुएला की धरती जिस विनाशकारी भूकंप से कांपी और हजारों लोगों की जान ले गई, वो बीते 125 साल में आए ताकतवर भूकंपों में से एक है। भूकंप एक ऐसी आपदा है, जिसका पहले से सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं होता। वैज्ञानिक ये तो बता देते हैं कि जमीन के भीतर काफी ऊर्जा बन गई है, लेकिन ये ऊर्जा कब भूकंप को जन्म देगी, ये बताना मुश्किल होता है। वेनेजुएला के अलावा रिंग ऑफ फायर के इलाके के जापान, चिली जैसे देशों में भी बड़े भूकंप आते रहते हैं। नेपाल में भी साल 2015 में विनाशकारी भूकंप आया था। जिसमें 9000 से ज्यादा लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा भूकंप साल 1897 में असम में आया था। जबकि, साल 2001 में गुजरात के भुज में भूकंप से करीब 20 हजार लोगों की जान गई थी।
