उद्धव ठाकरे को अब लगेगा ऑपरेशन टाइगर 3.0 का झटका?, जानिए क्यों लग रहीं अटकलें
मुंबई। क्या आने वाले दिनों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी को फिर झटका लगने वाला है? इस बारे में अटकलें लग रही हैं। बीते दिनों उद्धव ठाकरे की पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने बगावत कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामने का एलान किया था। अब शिंदे की शिवसेना के कोटे से महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया है कि अब ‘ऑपरेशन टाइगर 3.0’ शुरू हो गया है। इसके तहत उद्धव की पार्टी के ज्यादातर विधायक जल्दी ही शिंदे के गुट में शामिल होने वाले हैं।
गुलाबराव पाटिल ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए। उद्धव के 14 से ज्यादा विधायक शिंदे के पास आ जाएंगे। पाटिल ने कहा कि एकनाथ शिंदे बोलते नहीं, सिर्फ अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं। जब भी शिंदे अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं, तो समझो ऑपरेशन टाइगर सफल हो गया। ये बात उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ने भी मानी है। वहीं, शिंदे की शिवसेना कोटे से एक और मंत्री उदय सामंत ने कहा है कि ऑपरेशन टाइगर 3.0 नहीं चल रहा है। साथ ही सामंत ने कहा कि विपक्ष के महाविकास आघाड़ी गठबंधन के कई विधायक शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा में उद्धव ठाकरे की पार्टी के 20 विधायक हैं। जो विपक्षी खेमे में सबसे ज्यादा हैं। उद्धव के अलावा महाविकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस के 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी के 10 विधायक हैं। टूट के लिए उद्धव की पार्टी के विधायकों की कम से कम संख्या 14 होनी चाहिए। उद्धव की पार्टी के विधायकों में आदित्य ठाकरे समेत 10 विधायक शहरी इलाकों से आते हैं। बीते दिनों महाविकास आघाड़ी ने बैठक बुलाई थी। उसमें गठबंधन के 60 में से 37 विधायक ही आए थे। 23 विधायकों ने इस बैठक से दूरी बना ली थी। इस पर उद्धव का दर्द भी छलका था। बैठक में उद्धव ने कहा था कि जो गए, उनको भूल जाइए। बाकी सबको साथ लेकर चलना होगा। उद्धव ठाकरे ने ये सवाल भी दागा था कि क्या विपक्ष एकजुट है?
