शोएब अख्तर का लश्कर-ए-तैयबा से रिश्ता!, भाई के जनाजे में आतंकी संगठन से जुड़े लोग दिखने पर सवाल
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व फास्ट बोलर शोएब अख्तर नए विवाद में घिरे हैं। बीते दिनों शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर की मौत हुई। शोएब अख्तर के भाई को इस्लामाबाद के कब्रिस्तान में दफनाया गया। शाहिद अख्तर के जनाजे में तमाम लोगों की भीड़ ती। शोएब के भाई के जनाजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि शोएब के भाई के जनाजे में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के भी लोग शामिल हुए।
जानकारी के मुताबिक शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में लश्कर की राजनीतिक शाखा पीएमएमएल के नेता भी मौजूद रहे। इनमें पीएमएमएल का अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह भी था। पीएमएमएल ने शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में अपने अध्यक्ष और नेताओं की मौजूदगी का वीडियो जारी किया है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन का कहना है कि उसके अध्यक्ष के अलावा उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, जोनल महासचिव हाफिज उमर और खिदमत कमेटी का अध्यक्ष अमजद भट्टी और पीएमएमएल से जुड़े और लोग भी शामिल थे। इस्लामाबाद में इनाम-उर-रहमान पीएमएमएल का बड़ा चेहरा है। उसके साथ के बाकी लोगों का भी लश्कर-ए-तैयबा से नाता है।
लश्कर-ए-तैयबा पर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा, तो उसने आतंकवाद फैलाने के लिए द रेजिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) के अलावा राजनीतिक रंग भी लिया। इसी वजह से हाफिज सईद ने पीएमएमएल की स्थापना की। शोएब अख्तर को पाकिस्तान में सेलिब्रिटी माना जाता है। शोएब के भाई शाहिद अख्तर की मौत पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी समेत तमाम बड़े नेताओं ने दुख जताया है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में लश्कर जैसे खतरनाक आतंकी संगठन से संबंधित लोग क्यों गए थे? शोएब अख्तर का क्या लश्कर के राजनीतिक संगठन से कोई लेना-देना है?
