बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवा रहे हुमायूं कबीर मुश्किल में घिरे, इस मामले में दो थानों ने केस दर्ज कर किया तलब
कोलकाता। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर मुश्किल में घिर गए हैं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनवा रहे हुमायूं कबीर के खिलाफ दो थानों में केस दर्ज हुआ है। दोनों थानों की पुलिस ने अब हुमायूं कबीर को पूछताछ के लिए बुलाया है। पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में साफ कहा था कि उनकी सरकार हुमायूं कबीर को नहीं बख्शेगी।
हुमायूं कबीर पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के रेजीनगर में एक जनसभा के दौरान बीजेपी वालों की हड्डियां तोड़ने की धमकी दी। हुमायूं कबीर पर शक्तिनगर थाने जाकर पुलिस को धमकाने का भी आरोप लगा है। हुमायूं कबीर का धमकी भरा बयान सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। जिसके बाद रेजीनगर और शक्तिपुर थाने में हुमायूं कबीर के खिलाफ केस दर्ज हुए। अब शक्तिपुर थाने ने हुमायूं कबीर को 3 जुलाई और रेजीनगर थाने ने 4 जुलाई को धमकी देने के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। इस मामले में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जिस तरह के तेवर दिखाए, उससे हुमायूं कबीर के जेल जाने की भी संभावना है। बीजेपी ने हुमायूं कबीर के धमकी भरे बयान और उस पर शुभेंदु अधिकारी के सख्त तेवर का वीडियो जारी किया है।
हुमायूं कबीर पहले ममता बनर्जी की टीएमसी के विधायक थे। पश्चिम बंगाल के बीते दिनों हुए विधानसभा चुनाव से पहले हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनवाना शुरू किया। फिर ममता बनर्जी ने हुमायूं कबीर को टीएमसी से निकाल दिया। हुमायूं कबीर एक वक्त बीजेपी में भी गए थे, लेकिन फिर टीएमसी में लौट आए थे। हुमायूं कबीर पहले भी हिंदुओं को धमकी वाला बयान दे चुके हैं। हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एक जनसभा में कहा था कि ममता बनर्जी के कहने पर उन्होंने वो बयान दिया था। हुमायूं कबीर ने हिंदुओं से माफी भी मांगी थी, लेकिन इस बार बीजेपी को धमकी देने के आरोप में वो बुरे फंस गए हैं।
