Karnataka SIR: कर्नाटक में 1 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम कटने के आसार
नई दिल्ली। देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित क्षेत्रों में चुनाव आयोग वोटरों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम करा रहा है। इन राज्यों में कर्नाटक भी है। कर्नाटक में चुनाव आयोग के बीएलओ ने घर-घर जाकर 5.54 करोड़ से ज्यादा फॉर्म बांटे थे। इनमें से 4.46 करोड़ वोटरों के एसआईआर फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। हालांकि, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि कर्नाटक में एसआईआर के बाद 1 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम कट सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक में एसआईआर के दौरान बीएलओ को 15.28 लाख वोटर नहीं मिले। वहीं, 65.61 लाख से ज्यादा वोटरों के दूसरी जगह शिफ्ट होने की जानकारी मिली है। चुनाव आयोग के एसआईआर में कर्नाटक में 16 लाख से ज्यादा मृत वोटर मिले हैं। जबकि, 7 लाख से ज्यादा डुप्लीकेट या फर्जी वोटरों की जानकारी मिली है। कर्नाटक में 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होनी है। फिर 23 सितंबर तक वोटर लिस्ट पर आपत्तियां और दावे किए जा सकेंगे। कर्नाटक में 27 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
चुनाव आयोग ने सबसे पहले बिहार में एसआईआर कराई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, तमिलनाडु, पुदुचेरी, लक्षद्वीप, पश्चिम बंगाल और अंडमान व निकोबार में एसआईआर कराया। तीसरे दौर में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड के साथ केंद्र शासित दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली व दमन-दीव में एसआईआर कराई जा रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि एक भी पात्र वोटर का नाम नहीं छूटना चाहिए। जबकि, किसी गैर नागरिक को भारत में वोट देने का अधिकार भी नहीं है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर राजनीति काफी गर्माई थी। हालांकि, बाकी राज्यों में विपक्षी दलों की ओर से छिट-पुट आरोपों के अलावा कोई बड़ी आपत्ति नहीं जताई गई।
