कांग्रेस के खिलाफ बिहार के कांग्रेसी देने वाले हैं धरना, जानिए किन वजहों से हैं नाराज
नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अब पार्टी में ही आवाज तेज होती दिख रही है। हिंदुस्तान टाइम्स अखबार के मुताबिक बिहार कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता 8 सितंबर को दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के सामने धरना देने वाले हैं। बिहार कांग्रेस के नेता राज्य में पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम से नाराज हैं। बिहार कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की बुरी तरह हुई पराजय का जिम्मेदार इन दोनों नेताओं को मानते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही वहां कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ था। बिहार कांग्रेस के नेता अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी नाराजगी इस वजह से भी है, क्योंकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात का वक्त नहीं मिल रहा। बिहार कांग्रेस के नेताओं ने अपने विरोध को शांतिपूर्ण रखने की बात कही। अखबार से एआईसीसी सदस्य आनंद माधव ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन पर धरने में बिहार के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। आनंद माधव ने अखबार से कहा कि वो नवंबर 2025 से राहुल गांधी से मिलने का वक्त मांग रहे हैं, लेकिन अब तक मुलाकात नहीं हो सकी।
आनंद माधव ने बताया कि 3 नवंबर 2025 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव केसी वेणुगोपाल और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत के साथ बैठक हुई थी। तीनों नेताओं ने बिहार कांग्रेस के लोगों की शिकायतों पर ध्यान देने की बात कही थी, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। बता दें कि बिहार विधानसभा के बीते साल हुए चुनाव में कांग्रेस ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। कांग्रेस बिहार विधानसभा की सिर्फ 6 सीट ही जीत सकी थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम खुद चुनाव हारे थे। जबकि, उससे पहले 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 19 प्रत्याशी जीते थे। ऐसे में बिहार कांग्रेस के लोग केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मांगों पर ध्यान न देने के कारण नाराज हैं।
