लोनी। राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक एकजुटता के मुद्दे पर स्वर्णकार समाज ने अपनी आवाज बुलंद की। लोनी तिराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में रविवार को महाराजा अजमीढ़ देव जी की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी, कारीगरों की समस्याओं और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। राष्ट्रीय स्वर्णकार राजनीतिक भागीदारी मंच और स्वर्णकार समाज, लोनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में गाजियाबाद सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
समारोह के मुख्य अतिथि एवं मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि स्वर्णकार समाज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में समाज को अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने समाज से संगठित होकर अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि समाज को अब केवल चुनाव के समय वोट बैंक बनकर रहने के बजाय राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को समाज की भागीदारी और समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। समाज को सम्मान और सशक्त प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए एकजुटता जरूरी है।
दो प्रमुख मांगों को लेकर उठाई आवाज
सोलकर आयोग के गठन की मांग:राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से स्वर्णकार समाज के कारीगरों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सोलकर आयोग के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी के कारोबार से जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका और व्यावसायिक चुनौतियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि समाज के लोगों को राहत मिल सके।
व्यापारियों की सुरक्षा के लिए कानून में बदलाव की मांग: जितेन्द्र वर्मा ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 411-412 का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि संबंधित कानूनी प्रावधानों के कारण स्वर्णकार व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इन प्रावधानों में आवश्यक संशोधन करने और व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अनावश्यक उत्पीड़न से बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
युवाओं से संगठन मजबूत करने का आह्वान
समारोह में युवाओं से समाज के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब लोग आपसी मतभेद भुलाकर साझा मुद्दों पर एकजुट हों।
वक्ताओं ने महाराजा अजमीढ़ देव जी के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि उनकी जयंती सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और समाज के विकास के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने की। इस अवसर पर प्रदीप वर्मा, प्रेमपाल वर्मा, दिनेश वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा, सुगनपाल वर्मा, संजीव सोनी और नरेश वर्मा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। समारोह में मातृशक्ति की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अंत में उपस्थित लोगों ने महाराजा अजमीढ़ देव जी के आदर्शों पर चलने और समाज की एकजुटता मजबूत करने का संकल्प लिया
