February 16, 2026

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राकेश टिकैत पर फेंकी गई स्याही, जमकर चली कुर्सियां, उनकी इस बात से गए थे लोग भड़क

नई दिल्ली। किसान आंदोलन की रहनुमाई करने वाले भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पर एक कार्यक्रम के दौरान स्याही फेंके जाने का मामला प्रकाश में आया है। वे किसी कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनके साथ कई किसान नेताओं ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर किसान नेताओं के बीच कहासुनी हो गई और यह कहासुनी का स्तर इस कदर अपने चरम पर पहुंच गया कि गुस्साए एक शख्स ने राकेश टिकैत पर स्याही फेंके दिया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि टिकैत बेंगलुरु प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कथित तौर पर उनकी किसी बात पर कार्यक्रम में मौजूद अन्यत्र नेता भड़क गए थे, जिसके परिणामस्वरूप अपने रोष को व्यक्त करने के लिए उन्होंने किसान नेता पर स्याही फेंक दिया।

हालांकि, स्याही फेंके जाने वाला शख्स पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। उससे पूछताछ कर यह जानने का सिलसिला शुरू हो चुका है कि आखिर किस वजह से उसने राकेश टिकैत पर स्याही फेंकी थी। आखिर ऐसा क्या हो गया था। वहीं, प्रेस कांफ्रेंस में स्याही फेंके जाने के बाद अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, टिकैत अपनी तरफ से लोगों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए दिखें हैं। वहीं, मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, कार्यक्रम में कुर्सियों को फेंक गया है। हालिया स्थिति को देखकर मालूम पड़ रहा है कि स्थिति को अव्यवस्थित करने के साथ-साथ अपने रोष की नुमाइश करने हेतु यह पटकथा लिखी गई थी, जिसे प्रेस कांफ्रेंस में जीवंत किया गया।

सूत्रों की मानें तो किसान नेता चंद्रशेखर के समर्थकों में से किसी एक शख्स ने राकेश टिकैत पर स्याही फेंकी है। हालांकि, मीडिया से वार्ता के दौरान टिकैत ने साफ कर दिया है कि उनका चंद्रशेखर से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन अब माना जा रहा है कि पुलिस इस पूरे मसले की चंद्रशेखर के पहलू को लेकर भी जांच करेगी। अब ऐसी स्थिति में इस पूरे मसले को लेकर क्या कुछ सच्चाई निकलकर सामने आती है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

उधर, प्रेस कांफ्रेंस में चंद्रशेखर और राकेश टिकैत के समर्थकों में भिड़ंत भी देखने को मिली है, जिसके बाद कई कुर्सियों को फेंका गया। इसके वीडियो भी प्रकाश में आए हैं। ध्यान रहे कि किसान आंदोलन के दौरान भी दोनों ही किसान नेताओं के समर्थकों के बीच रार की कई खबरें प्रकाश में आई थी। जिसे ध्यान में रखते हुए पहले ये माना जा रहा था कि किसान आंदोलन में फूट पड़ सकती है। हालांकि, कई मौकों पर यह चरितार्थ होता हुआ भी दिखा है। अब ऐसे में उपरोक्त स्याही मसले ने पूरे मसले को नया एंगल दे दिया है।

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