महाराष्ट्र की महायुति सरकार भी प्रदेश में यूसीसी लागू करने पर करेगी विचार : एकनाथ शिंदे
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की महायुति सरकार भी प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) लागू करने पर विचार करेगी। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने खुद कहा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम अजित पवार और मैं मिलकर चर्चा करेंगे और उसके बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। यूसीसी कानून के तहत सभी समुदायों के लोगों पर एक समान कानून लागू होता है। शादी, तलाक, बच्चे को गोद लेने और विरासत संबंधी सभी कानून सबके लिए बराबर होते हैं इसमें कोई पर्सनल लॉ लागू नहीं होता है। उत्तराखंड सरकार अपने यहां यूसीसी लागू कर चुकी है और गुजरात सरकार भी जल्द ही इसे लागू करने जा रही है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने यूसीसी का मसौदा विधेयक तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में भारतीय सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सीएल मीणा, अधिवक्ता आर.सी. कोडेकर, शिक्षाविद् दक्षेष ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। यह कमेटी अगले 45 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी जिसके बाद गुजरात सरकार यूसीसी को लागू करने के बारे में फैसला करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि गुजरात सरकार भी उत्तराखंड की भांति ही यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप जैसे मामलों को भी शामिल कर सकती है।
उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने वादा किया था सत्ता में आने के बाद यूसीसी लागू किया जाएगा जिसे अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा कर दिया है। पिछले महीने 27 जनवरी 2025 से राज्य में यूसीसी को लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब उत्तराखंड में सभी धर्मों के लोगों पर शादी, तलाक, संपत्ति संबंधी समान कानून लागू होगा। इतना ही नहीं यूसीसी के बाद अब शादियों और लिव-इन रिलेशनशिप्स का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य रूप से कराना होगा।
