पीएम नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया की संसद को किया संबोधित, कहा-दोस्ती और भाईचारे का संदेश लाया हूं, सर्वोच्च सम्मान के लिए जताया आभार
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इथियोपिया दौरे पर आज वहां की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। मोदी ने कहा, कल मुझे अपने प्रिय मित्र इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के हाथों इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। यह सम्मान मेरा नहीं, पूरे भारत का है। मैं भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे का संदेश लाया हूं। मोदी बोले, इथियोपिया इसलिए गौरवान्वित है क्योंकि इसकी जड़ें गहरी हैं। इथियोपिया में खड़े होने का अर्थ है उस स्थान पर खड़े होना जहां अतीत का सम्मान किया जाता है, वर्तमान उद्देश्यपूर्ण है और भविष्य का खुले दिल से स्वागत किया जाता है।
मोदी ने कहा, आज आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। इथियोपिया, जिसे शेरों की धरती कहा जाता है, वहां पर आकर बहुत अच्छा लग रहा है, मुझे यहां बहुत अपनापन महसूस हो रहा है क्योंकि मेरा गृह राज्य गुजरात भी शेरों का घर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ और इथियोपिया का राष्ट्रगान, दोनों में हमारी धरती को मां कहा गया है। वे हमें अपनी विरासत, संस्कृति, सुंदरता पर गर्व करने और मातृभूमि की रक्षा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
नरेंद्र मोदी बोले, यह एक ऐसी शुरुआत है जो हम सभी की है, चाहे हम अदीस अबाबा में रहें या अयोध्या में। भारत में हम कहते हैं, ‘वसुधैव कुटुंबकम’- विश्व एक परिवार है। यह हमें याद दिलाता है कि राजनीति से परे, सीमाओं से परे, मतभेदों से परे, हम सभी की उत्पत्ति एक ही है। भारत और इथियोपिया जलवायु और भावना दोनों में एक समान गर्मजोशी साझा करते हैं। मोदी ने कहा, इस शानदार बिल्डिंग में, आपके कानून बनते हैं, यहीं लोगों की मर्जी राज्य की मर्जी बनती है और जब राज्य की मर्जी लोगों की मर्जी से मिलती है, तो परियोजनाओं का पहिया आगे बढ़ता है। आपके जरिए, मैं खेतों में काम करने वाले आपके किसानों से, नए आइडिया बनाने वाले उद्यमियों से, समुदायों को लीड करने वाली महिलाओं से, और इथियोपिया के उन युवाओं से भी बात कर रहा हूं जो भविष्य को आकार रहे हैं।
