बुलंदशहर हाईवे पर मां, बेटी से गैंगरेप मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा, 2016 में हुई थी वारदात
नई दिल्ली। यूपी के बुलंदशहर में नेशनल हाईवे पर महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आज फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों जुबेर, साजिद, धर्मवीर, नरेश और सुनील को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हर एक दोषी पर 1.81 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मां, बेटी के साथ गैंगरेप की यह जघन्य वारदात जुलाई 2016 में हुई थी। अदालत ने फैसला सुनाते हुए इसे जघन्यतम अपराध माना और जुर्माने की आधी-आधी राशि दोनों पीड़िताओं को दिए जाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
यह मामला काफी चर्चा में रहा था। बुलंदशहर के तत्कालीन एसपी समेत 19 पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड किया गया था। पुलिस ने कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया था। जिनमें से दो आरोपियों को नोएडा एसटीएफ पुलिस ने में मार गिराया था। वहीं तीन आरोपियों की पहचान न होने के चलते सीबीआई से उनको क्लीन चिट मिल गई थी। जबकि एक आरोपी को जिला जेल में हार्ट अटैक आ गया था और उसकी मौत हो गई थी।
बता दें कि गाजियाबाद के खोड़ा में रहने वाला पीड़ित परिवार के लोग 29-30 जुलाई 2016 की रात नोएडा होते हुए कार से अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर जा रहे थे। एनएच-91 पर बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र के दोस्तपुर गांव के पास आरोपियों ने हाईवे पर लोहे की भारी वस्तु रख दी। जब कार सवार लोग रास्ते से उसे लोहे की वस्तु को हटाने के लिए उतरे तो आरोपियों ने उनको बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया। इसके बाद कार में सवार परिवार की महिला और उसकी नाबालिग बेटी को खेत में ले जाकर उन दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस घटना ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए थे और परिवार के साथ रात में सफर करने से लोग हिचकिचाने लगे थे।
