बांग्लादेश में थम नहीं रही हिंसा, अब नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के नेता मोतलेब सिकदर की गोली मारकर हत्या
नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शेख हसीना के विरोधी कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद अब एक और छात्र नेता को गोली मार दी गई है। नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के नेता मोतलेब सिकदर को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मार दी, गंभीर हालत में उसको अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी (एनसीपी) शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद अस्तित्व में आई है। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के मुख्य चेहरे के रूप में सामने आए नाहिद इस्लाम ने एनसीपी का गठन किया है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार खुलना में चुनाव प्रचार के वक्त मोतलेब सिकदर पर हमला किया गया। मोतलेब सिकदर मूल रूप से खुलना का ही रहने वाला था और उसकी उम्र 37 वर्ष के आसपास थी। पिछले साल जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ छात्रों का जो विद्रोह हुआ था उसमें नाहिद इस्लाम के साथ मोतलेब सिकदर ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी। सिकदर सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहता था। नाहिद इस्लाम ने जब एनसीपी पार्टी का गठन किया तो सिकदर को खुलना का प्रभार सौंपा। सिकदर एनसीपी पार्टी की सेंट्रल कमेटी का मेंबर भी था। उसका मारा जाना एनसीपी के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
मोतलेब सिकदर के हमलावरों की पहचान और उनको पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के द्वारा प्रयास कर रही है। इससे पहले 12 दिसंबर को ढाका में छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। उस्मान को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था मगर वहीं इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया था। उस्मान की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई थी। कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने मीडिया दफ्तरों को फूंक दिया। भारतीय उच्चायोग को भी निशाना बनाया गया। तमाम जगहों पर आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
