भारत क्या अब रूस से नहीं खरीदेगा तेल? डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर क्रेमलिन ने दी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। रूस की ओर से एक बयान जारी कर यह बताया गया है कि भारत की तरफ से तेल खरीद बंद करने संबंधी कोई आधिकारिक सूचना उसे नहीं मिली है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि हमें इस मामले पर नई दिल्ली से अभी तक कोई बयान नहीं मिला है। क्रेमलिन प्रवक्ता की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के संदर्भ में की गई है जिसमें उन्होंने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर कहा कि भारत रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमत हुआ है। ट्रंप ने कहा था कि भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
दिमित्री पेस्कोव ने अपने बयान में कहा कि हम भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारे लिए रूस और भारत के बीच उन्नत रणनीतिक साझेदारी सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रूस, भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और आगे ले जाने को लेकर प्रतिबद्ध है। बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। फरवरी 2022 में रूस और यूक्रेन में जंग शुरू होने के बाद से रूस के समुद्री मार्ग से आने वाले तेल का भारत सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।
भारत के द्वारा रूसी तेल खरीदे जाने से अमेरिकी राष्ट्रपति नाखुश हैं। ट्रंप ने इसके लिए भारत पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया है। ट्रंप का कहना है कि रूस से तेल खरीदकर भारत आर्थिक रूप से उसकी मदद कर रहा है और रूस उसका उपयोग यूक्रेन युद्ध में कर रहा है। हालांकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार स्पष्ट कह चुके हैं कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है। अपने लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जहां से भी उन्हें सस्ता तेल मिलेगा वो उसे खरीदेंगे। मोदी ने यह भी कहा था कि भारत किसी वैश्विक दबाव में झुकने वाला नहीं है।
