February 24, 2026

Hind foucs news

hindi new update

टैरिफ मामले में ट्रंप के लिए नई मुश्किल!, डेमोक्रेटिक सांसदों ने रकम लौटाने का बिल संसद में पेश किया

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को वहां के सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी बताया है। ट्रंप ने इसके बाद व्यापार कानून की धारा 122 के तहत देशों पर 15 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया है, लेकिन टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है। अमेरिकी संसद के सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के 22 सांसदो ने एक बिल पेश किया है। इस बिल में कहा गया है कि कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को गलत बताया है, तो इस मामले में वसूली गई पूरी राशि 180 दिन में ब्याज समेत कंपनियों और कारोबारियों को वापस करनी होगी।

इस बिल को सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर और ऑरेगॉन के सीनेटर रॉन वायडन के अलावा मैसाच्युसेट्स के सीनेटर एडवर्ड मार्की और न्यू हैंपशायर की जीन शाहीन ने पेश किया है। वायडन का कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी महंगाई बढ़ाने वाली कारोबार और आर्थिक नीतियों पर रोक लगाने की कोशिश जारी रखेगी। डेमोक्रेटिक सांसद ने कहा कि वो चाहते हैं कि छोटे कारोबारियों को जल्द से जल्द पैसा वापस मिले। वहीं, अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने संकेत दिया है कि सीनेट से पास होकर ये बिल उनके सदन में आता है, तो वे इससे दूरी बना सकते हैं। प्रतिनिधि सभा में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। माइक जॉनसन ने टैरिफ पर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को असाधारण स्थित बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए और वक्त मिलना चाहिए।

वहीं, ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में केस जीतने वाले भारतीय मूल के वकील नील कत्याल ने कहा है कि ट्रंप की ओर से लगाए गए नए 15 फीसदी टैरिफ का मामला देखने के लिए उन्होंने अपने कानूनविदों की टीम बनाई है। बताया जा रहा है कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आईईईपीए कानून के तहत लिए गए 175 अरब डॉलर के टैरिफ को वापस करना पड़ सकता है। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बीते शुक्रवार को आईईईपीए कानून के तहत अन्य देशों पर लगाए गए डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी बताया था। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ के खिलाफ 6-3 के बहुमत से फैसला दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में ये नहीं बताया कि अब तक ट्रंप प्रशासन ने जो टैरिफ वसूला है, उसका क्या होगा। इस मामले में निचली अदालत को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *