डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी
चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने छत्रपति हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट से दोषी ठहराए गए कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और किशन लाल की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या की जांच सीबीआई ने की थी। खबर लिखे जाने तक ये जानकारी नहीं मिली थी कि राम रहीम को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी या नहीं।
रामचंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा में पत्रकार थे। 24 अक्टूबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति को घर के बाहर ही गोली मारी गई थी। रामचंद्र छत्रपति गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनकी 21 नवंबर को मौत हुई थी। दरअसल, रामचंद्र छत्रपति ने उस अज्ञात पत्र को अखबार में छापा था, जिसमें राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में साध्वियों के यौन शोषण और रेप के आरोप लगाए गए थे। ऐसे में माना जा रहा था कि रामचंद्र छत्रपति की हत्या में गुरमीत राम रहीम का हाथ है। पहले हरियाणा पुलिस ने छत्रपति की हत्या की जांच की थी, लेकिन उनके बेटे अंशुल की याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच के लिए कहा था।
रामचंद्र छत्रपति की हत्या की जांच के लिए सीबीआई ने नवंबर 2003 में केस दर्ज किया था। साल 2004 में राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर रामचंद्र छत्रपति की हत्या की जांच रोकने की अपील की गई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सीबीआई ने रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में दाखिल चार्जशीट में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अलावा किशन लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को साजिश रचने का आरोपी बताया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद इन सभी को सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ राम रहीम ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की थी। जहां से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को राहत मिल गई। राम रहीम को दुष्कर्म के एक मामले में 20 साल की सजा हो चुकी है। डेरा प्रमुख को सुनरिया जेल में रखा गया है।
