शराब घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जवाब दाखिल करने के लिए दिया और वक्त
नई दिल्ली। कथित शराब घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई कर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए और वक्त दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सभी को अब 5 अप्रैल 2026 तक जवाब दाखिल करना होगा। दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में 6 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा। उस वक्त तक दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से दिया गया स्टे जारी रहेगा।
अरविंद केजरीवाल के वकील ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सभी आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की ओर से दाखिल याचिका का दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई का विरोध किया। दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट में न्याय नहीं हुआ। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि शराब घोटाला मामले में सारे रिकॉर्ड कोर्ट के समक्ष रखकर सुनवाई हो। तुषार मेहता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल न्याय व्यवस्था (जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा) के साथ सीबीआई के खिलाफ भी पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं। दरअसल, केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से मामला दूसरी बेंच में भेजने की याचिका चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय को दी थी, लेकिन चीफ जस्टिस ने इसे खारिज कर दिया।
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद ऐसी ही याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी दी है। जिस पर सुनवाई होनी है। अरविंद केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि उनको इसकी गंभीर, उचित और वास्तविक आशंका है कि शराब घोटाला मामले में निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी। ट्रायल कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में सीबीआई की चार्जशीट को नकारते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपियों को बरी किया था। जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की है।
