रामनवमी पर्व पर एक बार फिर से हुआ रामलला का भव्य सूर्य तिलक, पीएम नरेंद्र मोदी ने किए लाइव दर्शन
नई दिल्ली। रामनवमी के पावन पर्व पर आज अयोध्या में भगवान श्री रामलला के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ है। इस दौरान भगवान रामलला का एक बार फिर से सूर्य तिलक किया गया। अभिजीत मुहूर्त के दौरान मध्यान्ह् 12 बजे प्रभु रामलला का ललाट सूर्य की किरणों से जगमगा उठा। लगभग चार मिनट तक सूरज की किरणें भगवान रामलला के ललाट पर पड़ती रहीं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद तीसरी बार भगवान का सूर्य तिलक किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर में भगवान राम के सूर्य तिलक अनुष्ठान को लाइव देखा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम ‘सूर्य तिलक’ आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है। यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है। प्रभु श्री राम के दिव्य ‘सूर्य तिलक’ का आलोक ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्पों को दिशा दे रहा है। क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है।
इस प्रकार से होता है भगवान का सूर्य तिलक
भगवान रामलला के सूर्य तिलक के लिए आईआईटी रूड़की समेत देश के दो प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों ने तमाम गणित और सूर्य की दिशा तय करने के बाद पेरिस्कोप बनाया। पेरिस्कोप जैसे यंत्र को राम मंदिर के ऊपर लगाया गया। इसमें 4 लेंस और 2 शीशे भी भीतरी हिस्से में लगे हुए हैं। इन लेंस के जरिए सूर्य की रोशनी को बिना फैलाए एक बिंदु बनाया गया और फिर सूर्य की किरणों का वो बिंदु भगवान रामलला के मस्तक तक पहुंचाया गया। भगवान रामलला के सूर्य तिलक का ये आइडिया पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दिया था।
