April 16, 2026

Hind foucs news

hindi new update

पति की मौत के बाद पत्नी को अपने ससुर से भरण पोषण लेने का अधिकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा है कि पति की मौत के बाद पत्नी के भरण पोषण की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। बशर्ते उसकी फिर से शादी न हुई हो। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पति को गंवा देने वाली महिला को अधिकार है कि वो अपने ससुर से भरण पोषण मांग सकती है। जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्यवीर सिंह की बेंच ने कहा कि स्थापित सिद्धांत है कि पत्नी के भरण पोषण के लिए पति बाध्य है। ये जिम्मेदारी पति की मौत के बाद भी जारी रहती है। ऐसे में कानून के तहत पति की मौत के बाद उसकी पत्नी अपने ससुर से भरण पोषण मांग सकती है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अकुल रस्तोगी नाम के व्यक्ति ने याचिका दी थी। पति ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें झूठा बयान देने पर उसकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी देने से मना किया गया था। पति ने आरोप लगाया कि पत्नी ने भरण पोषण हासिल करने के लिए गलत जानकारी दी। नौकरी करने के बावजूद खुद को गृहिणी बताया। अकुल ने ये दावा भी किया कि पत्नी के पास 20 लाख रुपए से ज्यादा की एफडी है और ये बात भी कोर्ट में छिपा ली। हाईकोर्ट ने आरोपों पर गौर किया और पाया कि अकुल रस्तोगी ने पत्नी पर आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पति को साबित करना था कि पत्नी नौकरी कर रही।

एफडी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ये रकम महिला को उसके पिता ने दी थी। कोर्ट ने ये भी पाया कि महिला ने अपनी जरूरतों के लिए एफडी का ज्यादातर पैसा निकाला था। हाईकोर्ट के मुताबिक इससे साबित होता है कि महिला को भरण पोषण की जरूरत है। कुछ तथ्यों की जानकारी नहीं देना, झूठा बयान नहीं माना जा सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये भी साफ कहा कि शादी के बाद सामान्य तौर पर बेटी के भरण पोषण की जिम्मेदारी उसके पिता की नहीं होती। अगर बेटी का पति जान गंवा चुका है, तो वो भरण पोषण दे सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी के खिलाफ ठोस आधार न होने पर अकुल रस्तोगी की याचिका खारिज कर दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *