श्रद्धा और आस्था के साथ विश्वासघात किसी कीमत पर स्वीकार नहीं, केरलम सरकार पर भड़के राजनाथ सिंह
नई दिल्ली। केरलम के परवूर विधानसभा क्षेत्र में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर शब्दबाण चलाए। सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी होने के मामले में उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि केरलम सरकार को स्पष्ट करना होगा कि आखिर मंदिर की संपत्ति की रक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। यह श्रद्धा और आस्था के साथ विश्वासघात का मामला है। और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। एलडीएफ ने अयप्पा भगवान को सोने के लिए धोखा दिया है। देश और केरलम की जनता आज पूछ रही है, आखिर सबरीमाला मंदिर का सोना कहां गया?
रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने सोना चोरी किया और इस चोरी के सोने को बेचने में कांग्रेस के नेताओं ने मदद की। इस केस के मुख्य आरोपी की तस्वीर भी कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ है। उन्होंने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ एक ही हैं, भ्रष्टाचार के मामले में भी, जनता को लूटने के मामले में भी और तुष्टीकरण के मामले में भी। सोलर स्कैम, बार ब्राइबरी स्कैम, पलारीवट्टोम ब्रिज घोटाला और पामोलीन ऑयल इम्पोर्ट स्कैंडल ये सभी UDF की उस राजनीति की तस्वीर पेश करते हैं, जहां भ्रष्टाचार, कमीशन और सांठगांठ आम बात था।
इसी तरह LDF के शासन में एआई कैमरा घोटाला, के-फॉन प्रोजेक्ट घोटाला और लाइफ मिशन जैसे घोटालों की पूरी लंबी लिस्ट है, जिनमें जनता के पैसे को लूटा गया है। कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े एक मामले में तो केरलम के मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य तक मनी लॉन्ड्रिंग के नाम शामिल हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इंसानों के साथ-साथ कम्युनिस्टों ने जानवरों को भी नहीं बख्शा है। याद कीजिए कैसे 1990s के दौर में कम्युनिस्ट पार्टी के लोगों ने चुनाव हारने के बाद एक स्नेक पार्क को ही आग के हवाले कर दिया था। ये लोग पावर के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इनकी राजनीति बदले और हिंसा की राजनीति है।
