पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर इजरायल ने जताया संदेह, कहा-अमेरिका ने अपने निजी कारणों से…
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्धविराम के बावजूद तनाव चरम पर है। उधर, इजरायल ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर संदेह जताया है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने एएनआई से बात करते हुए कहा, हम पाकिस्तान को एक विश्वसनीय पक्ष के रूप में नहीं देखते हैं। मेरा मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का सहारा लेने का फैसला किया है। इजरायली राजदूत बोले, हमने पहले भी देखा है कि किस प्रकार से संयुक्त राज्य अमेरिका ने कतर और तुर्की जैसे समस्याग्रस्त देशों का इस्तेमाल हमास के साथ समझौता कराने के लिए किया है।
हालांकि राजदूत रूवेन अजार ने यह भी कहा कि हम जो परिणाम देखना चाहते हैं, उसके सार और मूल तत्व के मामले में हमारे लिए अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने भारत के भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा, मुझे इस बात से प्रोत्साहन मिला है कि भारत सरकार ने बयान जारी कर होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही की मांग की है। मेरा मानना है कि यह सही रुख है और भारत समेत कोई भी ईरान की सरकार की इस बेतुकी मांग के आगे नहीं झुकेगा कि जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध लगाए जाएं।
आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान ने दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान किया है। हालांकि इजरायल भी इस सीजफायर में शामिल है मगर उसने यह स्पष्ट कर दिया था कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ वो अटैक जारी रखेगा। इसके बाद इजरायल डिफेंस फोर्स ने बुधवार को लेबनान में कई घातक मिसाइलें दागीं जिसमें बहुत से लोगों की मौत हुई। इसके विरोध में ईरान ने फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से चेतावनी दी है।
