खत्म हो चुका पश्चिमी विक्षोभ का असर, मौसम विभाग ने बताया गर्मी कब से सताएगी?
नई दिल्ली। लगातार आते पश्चिमी विक्षोभ के कारण अप्रैल का महीना करीब आधा बीत जाने पर भी तेज गर्मी का अहसास नहीं हो रहा है। मौसम विभाग ने कहा है कि अब सुहाने मौसम का दौर खत्म होने जा रहा है। अब और किसी पश्चिमी विक्षोभ आने के आसार नहीं हैं। नतीजे में तेज धूप के कारण धीरे-धीरे उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वी भारत में लगातार तापमान बढ़ता जाएगा। मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर और पश्चिम भारत में अगले कुछ दिन अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखी जाएगी।
मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर और पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बढ़ सकता है। वहीं, मध्य भारत में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। जबकि, पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा। अच्छी बात ये है कि तापमान बढ़ने के बावजूद लू यानी हीटवेव की आशंका नहीं है। मौसम विभाग ने पहले ये जानकारी दी थी कि मई के तीसरे हफ्ते तक प्रचंड गर्मी पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने ऐसे में पहले ही आम लोगों को सचेत किया है कि वे प्रचंड गर्मी से बचने के लिए जरूरी कदम उठा लें।
बीते दो साल ला-नीना का प्रभाव था। इस वजह से तेज गर्मी ज्यादा दिन नहीं पड़ी थी। इस साल एल-नीनो के प्रभाव के कारण तेज गर्मी पड़ने के साथ ही मॉनसून के सीजन में बारिश भी औसत से कम होने का अनुमान है। हालांकि, मॉनसून के वक्त पर आने में अभी कोई दिक्कत नहीं दिख रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मॉनसून की बारिश दक्षिण भारत और पश्चिमी घाट पर तो ठीक होगी, लेकिन पूर्वी भारत में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। इससे खेती पर भी असर पड़ सकता है। बीते दिनों पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं उगाने वाले किसानों को काफी नुकसान हो चुका है।
