अल-कायदा के तीन आतंकियों को एनआईए कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित एनआईए के विशेष कोर्ट ने यूपी में कई शहरों में प्रेशर कुकर बम धमाके की साजिश रचने वाले अल-कायदा के तीन आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यूपीएटीएस ने साल 2021 के जुलाई महीने में लखनऊ के काकोरी और मड़ियांव इलाकों में छापा मारकर अल-कायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिंद (एजीएच) के आतंकियों मिनहाज अहमद और मुशीरुद्दीन को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने मिनहाज और मुशीरुद्दीन के पास से दो प्रेशर कुकर बम भी बरामद किए थे। इनके अलावा तौहीद को भी यूपीएटीएस ने गिरफ्तार किया था।
इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। एनआईए ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में सबूतों के आधार पर कहा कि मिनहाज, मुशीरुद्दीन और तौहीद का इरादा 15 अगस्त 2021 से पहले यूपी की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के प्रमुख शहरों में बम धमाके करने का था। एनआईए के मुताबिक मुशीरुद्दीन ने ई-रिक्शा में प्रेशर कुकर बम रखने की साजिश तैयार की थी। मिनहाज और मुशीरुद्दीन के बारे में कोर्ट में साबित हुआ कि वे जम्मू-कश्मीर में अपने हैंडलर उमर हलमंडी से संपर्क में थे। उमर हलमंडी अल-कायदा से जुड़ा हुआ है।
यूपीएटीएस और फिर एनआईए की जांच में ये बात भी सामने आई कि अयोध्या में विवादित जगह को भगवान राम का जन्मस्थान बताने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अल-कायदा के आतंकी यूपी और देशभर में सीरियल धमाके की साजिश रच रहे थे। मिनहाज, मुशीरुद्दीन और तौहीद भी उस साजिश में शामिल थे। एनआईए की जांच के दौरान उमर हलमंडी के बारे में पता चला कि वो अल-कायदा इंडियन सब कॉन्टिनेंट के लिए आतंकियों की भर्ती कर रहा था। यूपीएटीएस को मिली पक्की खुफिया जानकारी की वजह से यूपी की राजधानी लखनऊ और अन्य शहर बम धमाकों से दहलने से बच गए। अब तीनों को उम्रकैद की सजा होने से अल-कायदा का ये मॉड्यूल खत्म हो गया है। दिल्ली समेत देश के अहम शहरों पर हमले की साजिश रचने वाले अल-कायदा के मॉड्यूलों का पहले भी खुलासा होता रहा है। जिनके कई आतंकी गिरफ्तार होकर जेल में हैं।
