संजय कपूर के संपत्ति विवाद में मां और पत्नी के बीच समझौते की सुप्रीम कोर्ट की कोशिश, पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को नियुक्त किया मध्यस्थ
नई दिल्ली। कारोबारी रहे संजय कपूर की मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया सचदेव कपूर के बीच संपत्ति के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्यस्थता से मसला सुलझाने के लिए कहा। सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने रानी कपूर और प्रिया के बीच मध्यस्थ के तौर पर पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को नियुक्त किया है। दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के लिए हामी भरी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मामला चलता रहा, तो कई दशक में ही सुलझ सकता है। कोर्ट चाहता है कि परिवार आपसी सहमति से विवाद खत्म करे। कोर्ट अब अगस्त में इस मामले की सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश भी दिया है कि संजय कपूर की संपत्ति विवाद में मीडिया में कोई भी पक्ष बयान नहीं देगा। सोशल मीडिया पर भी मसले पर कोई प्रतिक्रिया पोस्ट नहीं की जा सकेगी। संजय कपूर के निधन के बाद उनकी मां रानी कपूर ने फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दी। रानी कपूर का कहना है कि फैमिली ट्रस्ट को उनकी जानकारी या मंजूरी के बगैर बनाया गया और इसके जरिए संजय कपूर और परिवार की संपत्तियों और विरासत पर कब्जे की कोशिश की गई। रानी कपूर ने मांग की है कि विवाद के निपटारे तक संपत्तियों के ट्रांसफर और बिक्री पर रोक लगाई जाए।
रानी कपूर का कहना है कि पति डॉ. सुरिंदर कपूर की सभी संपत्ति की वो इकलौती वारिस हैं। रानी कपूर के मुताबिक 2017 में अवैध लेन-देन से उनकी संपत्तियों को भी फैमिली ट्रस्ट में डाला गया। उनका कहना है कि बीमार थी, तो कई सादे दस्तावेजों पर दस्तखत करा लिए गए थे। उन्होंने बेटे संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया पर संपत्ति ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रिया कपूर ने आरोपों को गलत बताया और परिवार के कुछ सदस्यों पर मानहानि का केस कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान मध्यस्थता करने की सलाह दी थी। संजय कपूर की संपत्ति और विरासत के मामले में एक्टर करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान ने भी अलग केस दाखिल कर रखा है।
