तृणमूल कांग्रेस में अंतर्कलह बढ़ी, अब शांतनु सेन ने टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ रही है। पार्टी नेतृत्व के प्रति नेता अब नाराजगी बिना किसी हिचकिचाहट के जाहिर कर रहे हैं। इसमें अब एक और नाम पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. शांतनु सेन का भी जुड़ गया है। सेन ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को भेज दिया है और उनसे इस बात अनुरोध किया है कि वो उनका इस्तीफा स्वीकार करें। ममता बनर्जी को भेजे पत्र में डा. शांतनु सेन ने अपने इस्तीफे का कारण भी बताया है।
टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी भेजे इस्तीफे में डा. सेन ने लिखा, हालांकि कई मुश्किल समय में मेरे विचार उनसे असहमत रहे, फिर भी मैंने कई विवादास्पद मुद्दों पर मीडिया में पार्टी के लिए खुलकर आवाज उठाई है। लेकिन मौजूदा हालात में, जब बंगाल की जनता ने आरजी कर मामले, अभया केस और नौकरी के बदले रिश्वतखोरी जैसे कई अनैतिक कृत्यों और भ्रष्टाचार के कारण हमें (टीएमसी को) नकार दिया है, तो अब मेरा मन प्रवक्ता के रूप में उन्हें किसी भी तरह से समर्थन करने को तैयार नहीं है। इसलिए, जनता के फैसले को ध्यान में रखते हुए, मैं तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। कृपया मेरे इस्तीफे को स्वीकार करें।
डॉ. शांतनु सेन ने हालांकि पार्टी प्रवक्ता पद से ही इस्तीफा दिया है, उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी है। शांतनु सेन पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं। आपको बता दें कि इससे पहले बारासात से तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने भी पहले बारासात जिलाध्यक्ष का पद छोड़ा और फिर उसके बाद पार्टी संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इन सब घटनाक्रम के बीच ऐसी भी खबरें हैं कि टीएमसी के कई विधायक और सांसद पार्टी छोड़ने का मन बना रहे हैं।
