उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे 3 सांसद, क्या ऑपरेशन टाइगर होने जा रहा?
मुंबई। शिवसेना-यूबीटी में क्या फिर टूट होने वाली है? ये अटकलें लंबे वक्त से चल रही हैं कि महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ होने वाला है। इन अटकलों के बीच शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित अपने आवास मातोश्री में रविवार को पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई थी। खबर है कि शिवसेना के तीन सांसद उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उद्धव खेमे के शिरडी लोकसभा सीट से सांसद भाऊसाहब वाकचौरे का फोन नॉट रीचेबल हो गया। जबकि, संजय जाधव और नागेश पाटिल अष्टिकर ने निजी काम बताकर उद्धव की बैठक अटेंड नहीं की। उद्धव की पार्टी के सूत्रों का कहना है कि संजय और नागेश ने पहले ही बता दिया था कि वे नहीं आ सकेंगे।
शिरडी से उद्धव खेमे के सांसद भाऊसाहब वाकचौरे के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि वो अपने घर पर भी नहीं हैं। वहीं, उनके पर्सनल असिस्टेंट का भी कोई पता नहीं लगा। बताया ये जा रहा है कि वाकचौरे अपने परिवार के साथ बीते दो दिन से बाहर गए हैं। उधर, एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने साफ कहा है कि उद्धव की पार्टी का कोई सांसद उसके संपर्क में नहीं है और शिवसेना-यूबीटी में फिर टूट कराने का भी कोई प्लान नहीं है। ऐसे में फिलहाल उद्धव ठाकरे राहत की सांस ले सकते हैं। पहले बताया जा रहा था कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के छह से सात सांसद अलग होकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, अभी ज्यादातर सांसद उद्धव ठाकरे के साथ दिख रहे हैं, लेकिन पल-पल माहौल बदलने का नाम ही राजनीति है।
उद्धव की पार्टी शिवसेना-यूबीटी के 9 सांसद लोकसभा में हैं। वहीं, राज्यसभा में उसके इकलौते सांसद संजय राउत ही बचे हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए लोकसभा के सभी सांसदों को अपने पाले में रखना जरूरी है। क्योंकि एकनाथ शिंदे की बगावत से वो पहले ही शिवसेना और उसका चुनाव चिन्ह गंवा चुके हैं। उद्धव ठाकरे 2024 के लोकसभा चुनाव में महाविकास आघाड़ी के ज्यादा सांसद चुने जाने से काफी उत्साहित थे, लेकिन उसके बाद हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास आघाड़ी की दुर्गति ने उनको जोर का झटका दिया था। महाराष्ट्र के पिछले विधानसभा चुनाव में उद्धव की पार्टी के सिर्फ 20 विधायक ही जीत सके थे। जबकि, कांग्रेस के 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी के 10 प्रत्याशी चुनकर विधानसभा पहुंचे थे।
