कौन हैं CM पुष्कर सिंह धामी को हराने वाले भुवन कापड़ी?, क्या है उनके जीतने की असल वजह?
नई दिल्ली। बीते दिनों देश में हुए विधान सभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। पांच चुनावी राज्यों में से उत्तराखंड की बात करें, तो पांचवीं विधानसभा में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है, लेकिन मुख्यमंत्री धामी को अपनी सीट खटीमा में हार का सामना करना पड़ा हैं। वो कांग्रेस प्रत्याशी भुवन चंद कापड़ी से 7579 मतों से हार गए हैं। भुवन कापड़ी को 48177 और पुष्कर सिंह धामी को 41590 मत मिले हैं। वहीं तीसरे नंबर पर बसपा के रमेश सिंह को 937 मत हासिल हुए। आइये जानते हैं मुख्यमंत्री धामी को हराने वाले भुवन कापड़ी कौन हैं…
पहाड़ी समाज से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी भुवन कापड़ी की खटीमा में अच्छी-खासी पकड़ मानी जाती है। बीते चुनावों में भी कापड़ी मात्र 2709 वोटों के अंतर से हारे थे। उस समय भुवन चंद्र कापड़ी को कुल 26,830 और पुष्कर सिंह धामी को 29,539 वोट मिले थे। लेकिन इस बार कापड़ी के साथ क्षेत्र के लोगों की सहानुभूति और भरोसा था, जो जीत के रूप में देखने को मिली। युवा नेता भुवन चंद कापड़ी उत्तराखंड राज्य में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। कापड़ी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। भुवन चंद कापड़ी किसी समय में उत्तराखंड यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके अलावा वो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी के पद पर भी रह चुके हैं। एक युवा नेता की ऐसी जीत उनके करियर के लिए माइलस्टोन साबित हो सकती है।
बता दें, कि उत्तराखंड में भी किसान आंदोलन (Farmer’s Protest) का काफी असर देखने को मिला था और धामी के हार की एक बड़ी वजह ये भी है। एक लंबे समय के कांग्रेस से जुड़े रहने वाले कापड़ी उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी विनम्रता और विवाद मुक्त व्यक्तित्व उन्हें सबसे अलग बनाता है। बता दें, कि अपने चुनावी हलफनामे में कापड़ी ने अपनी संपत्ति 50 लाख से भी कम दिखाई है। चुनावी नतीजों के आते ही सीमांत खटीमा विधानसभा का परिदृश्य काफी बदला हुआ नजर आया। जीत की सूचना मिलते ही कापड़ी समर्थकों ने धीरे-धीरे मुख्य चौक पर एकत्र होना शुरू कर दिया। क्षेत्र के गांव-गांव में आतिशबाजी की गई और मिठाईयां बांटी गईं।
