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पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट सख्त, तीन महीने में कराने होंगे चुनाव

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रविन्द्र बंसल –

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन महीने के भीतर चुनाव कराने के आदेश के बाद सरकार के सामने चुनौती बढ़ गई है। पंचायत चुनाव में देरी के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भी तय समय पर हो पाएंगे।

पंचायत चुनाव की तैयारियों और पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने की प्रक्रिया में देरी को लेकर हाईकोर्ट पहले ही सवाल उठा चुका है। आरक्षण के लिए आंकड़े जुटाने के काम पर भी अदालत ने जानकारी मांगी थी। सरकार की ओर से चुनाव में देरी की वजह आरक्षण प्रक्रिया और मतदाता सूची तैयार करने में लगने वाला समय बताया गया है।

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तय समय में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें आरक्षण तय करने, मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कार्यक्रम घोषित करने जैसी जरूरी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

विधानसभा चुनाव पर भी नजर

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने पहले कहा था कि विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर कराए जाएंगे। फिलहाल चुनाव टालने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है।

हालांकि, पंचायत चुनाव में हुई देरी ने चुनावी तैयारियों को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। पंचायत और विधानसभा चुनाव की प्रक्रियाएं अलग हैं, इसलिए पंचायत चुनाव में देरी को विधानसभा चुनाव में देरी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अब देखना होगा कि सरकार पंचायत चुनाव के लिए हाईकोर्ट की तय समयसीमा का पालन कैसे करती है और विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी समय पर पूरी होती हैं या नहीं।

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