नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को पशुपालन विभाग में भर्ती से संबंधी घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट को लखनऊ के गोमती नगर स्थित उनके आवास से अरेस्ट किया है। साल 2014 में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारियों के लिए 1,198 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर, भ्रष्टाचार के जरिए भर्तियां हुईं। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी। योगेश कुमार उस वक्त पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव थे।
आर्थिक अपराध शाखा ने जांच में यह पाया कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं की गईं। चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के अंकपत्रों और ओमएमआर में हेरफेर की गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के थोड़े समय के बाद ही तत्कालीन प्रमुख सचिव योगेश कुमार रिटायर हो गए थे। अब योगेश कुमार से पूछताछ कर घोटाले में संलिप्त अन्य लोगों का पता लगाया जाएगा। पुलिस योगेश कुमार को कोर्ट में पेश करेगी जहां उनको रिमांड में लेने की मांग कोर्ट से करेगी।
यह घोटाला राजकिशोर सिंह के पशुपालन मंत्री के पद पर रहने के दौरान हुआ था। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री राजकिशोर के खिलाफ जांच शुरू करने और अभियोजन की स्वीकृति की फाइल फिलहाल लंबित है। राजकिशोर सिंह साल 2024 में बीजेपी में शामिल हो गए थे। साल 2017 में उत्तर प्रदेश शासन ने इस मामले में एसआईटी जांच का आदेश दिया था। इसके बाद 2019 में कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसमें पहले 6 अभियुक्तों को नामजद किया गया था। बाद में अन्य 22 लोगों का भी नाम सामने आया। इस तरह से कुल 28 अभियुक्तों में से अब तक 25 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं।
