नई दिल्ली। फ्लाईदुबई विमान वाली घटना के बाद एयर फ्रांस ने इजरायल जाने वाले विमानों में पाकिस्तान समेत अन्य मुस्लिम देशों के क्रू मेंबर्स को बैन कर दिया है। एयर फ्रांस एयरलाइंस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि वो इजरायल की ओर से जारी नए प्रतिबंधों का पालन कर रही है। इजरायली ब्रॉडकास्टर N12 के मुताबिक, इजरायल ने विदेशी एयरलाइनों को सूचित किया है कि इजरायली हवाई क्षेत्र में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलटों और विमान के केबिन क्रू के पास ऐसे देशों की नागरिकता या दोहरी नागरिकता नहीं होनी चाहिए जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।
पाकिस्तान के अलावा इन देशों के नागरिकों पर प्रतिबंध
अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कोमोरोस, क्यूबा, जिबूती, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, माली, मॉरिटानिया, नाइजर, उत्तर कोरिया, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, वेनेजुएला और यमन के नागरिकों को इजरायल जाने वाले विमान के क्रू मेंबर के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी एक दिन पहले ही इजरायल जा रही इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट को इसलिए वापस लौटा दिया गया था क्योंकि उसका पायलट इंडोनेशिया का नागरिक था। विमान वापस इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां दूसरे पायलट ने विमान उड़ाया और फिर वो तेल अवीव पहुंचा। आपको बता दें कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 जो दुबई से तेल अवीव जा रही उसे उसके ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने क्रैश कराने की कोशिश की थी। ओमानी पायलट आतंकी विचारधारा से प्रेरित था और वो गाजा का बदला लेना चाहता था। हालांकि विमान को उड़ा रहे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने अपनी जान की बाजी लगाकर बहादुरी दिखाते हुए को-पायलट के मंसूबों पर पानी फेर दिया और इस तरह से उन्होंने विमान में सवार लोगों की जान बचाई। इस घटना के बाद इजरायल ने यह नए प्रतिबंध लागू किए हैं।
