नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आज कानुपर के बिठूर पहुंचे जहां उन्होंने 411 करोड़ से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। बिठूर की महत्ता बताते हुए योगी बोले, इस धरा ने सृष्टि को बनते हुए देखा है। महर्षि वाल्मीकि की तपस्या के प्रभाव को देखा है। इसी भूमि से 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समर में नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने का काम किया था। योगी ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रभु श्री राम और निषादराज की मित्रता जब तक रहेगी, सपा और कांग्रेस के राज का स्वाहा होना तय है।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम लिए बिना योगी तंज कसते हुए बोले, देश के अंदर दो मियां हैं, एक ‘छोटे मियां’, एक ‘बड़े मियां’, ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं और दलितों, वंचितों, गरीबों, अन्नदाता किसानों तथा युवाओं का अपमान करते हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को प्रदेश में लंबे समय तक शासन करने का अवसर प्राप्त हुआ है। याद करिए, अन्नदाता किसान आत्महत्या करने और गरीब भूखों मरने को मजबूर होता था। युवाओं के रोजगार पर डकैती डाल दी जाती थी। नारी की सुरक्षा में समाजवादी पार्टी स्वयं खतरा बनी हुई थी, उनके गुंडे जगह-जगह जाकर व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया जाता था। जो लोग दंगाइयों के यार हों, जिन्होंने अंधेरे में रखकर डकैती डालना जिनके लिए जीवन का हिस्सा बन गया था, जिनके लिए परिवार ही प्रदेश हो गया था वो विकास क्या कराएंगे।
कोसी कलां का दंगा, मथुरा के जवाहरबाग का दंगा, याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी से जुड़ा एक नेता सैकड़ों एकड़ भूमि पर कब्जा कर लेता है उसको हटाने के लिए जब एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव गए थे तो सपा के गुंडों ने उन दोनों की हत्या कर दी थी। ये लोग संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं और उत्तर प्रदेश के ही नागरिकों को घुसपैठिया बताकर अपमानित करते हैं। मैं अखिलेश यादव से पूछना चाहता हूं कि आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है?
